शाहजहांपुर। गायत्री परिवार शाहजहांपुर द्वारा गायत्री जयंती, गंगा दशहरा एवं युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस के पावन अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा में भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत 23 जून को प्रातः 6 बजे से सायं 6 बजे तक अखंड गायत्री जप सम्पन्न हुआ। इसके उपरांत 24 जून को प्रातः 7:30 बजे शक्तिपीठ में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ 5 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारम्भ हुआ। यज्ञ में ट्रस्टी जयसिंह यादव सपत्नीक, ट्रस्टी कपिल अग्रवाल, सत्यपाल यादव सपत्नीक, राजेश अग्रवाल सपत्नीक सहित अनेक श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर युगऋषि संदेशवाहक एवं जिला समन्वयक सूरज वर्मा ने गायत्री जयंती, गंगा दशहरा और युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के महाप्रयाण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार राजा भागीरथ ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाकर जन-जन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया, उसी प्रकार युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने गायत्री महाशक्ति और यज्ञ विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाकर विचार क्रांति का विराट अभियान खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि गायत्री का वास्तविक अर्थ है— श्रेष्ठ विचार। जो व्यक्ति अपने जीवन में श्रेष्ठ विचारों, सदाचार और मानवीय मूल्यों को अपनाता है, वही सच्चे अर्थों में महान बनता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 35 दिनों तक जनपद में भ्रमण करने वाली ज्योति कलश रथयात्रा ने गांव-गांव पहुंचकर विचार क्रांति, नशामुक्ति, संस्कार निर्माण और युग निर्माण का संदेश जनमानस तक पहुंचाया, जिससे पूरा जनपद आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक विचारों से गुंजायमान हो उठा।

महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को विचार क्रांति अभियान, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, “पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ” तथा “व्यसन से बचो, सृजन से जुड़ो” का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में मंजू, गीता, सविता और सरिता द्वारा प्रस्तुत प्रज्ञा गीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं ट्रस्टी शालीन ठाकुर एवं नीलम ठाकुर द्वारा गायत्री ज्ञान मंदिर में पूज्य गुरुदेव के साहित्य की प्रदर्शनी एवं पुस्तक स्टॉल लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने ज्ञान प्रसाद स्वरूप साहित्य प्राप्त कर अपने जीवन को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजाराम मौर्य ने कहा कि आज समाज को विचारों की शुद्धता, संस्कारों की पुनर्स्थापना और नैतिक जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से युगऋषि के विचार क्रांति अभियान से जुड़कर परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, भोजन प्रसाद एवं शरबत वितरण की व्यवस्था की गई। जनपद की विभिन्न शक्तिपीठों एवं प्रज्ञापीठों पर भी गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
सायंकाल गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा में दीपयज्ञ संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम का समापन “हम बदलेंगे—युग बदलेगा, हम सुधरेंगे—युग सुधरेगा” के प्रेरक उद्घोष के साथ हुआ।









