महोबा की संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में काम होगा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

By Liberal Media

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महोबा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महोबा दौरे के दौरान गोरखगिरी पर्वत, आल्हा-ऊदल की वीरभूमि और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा कि महोबा और बुंदेलखंड की अपार संभावनाओं को विकसित कर इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 12-13 वर्षों बाद उन्हें गोरखगिरी पर्वत पर आने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे गुरु गोरखनाथ की साधना स्थली और वीरता की प्रतीक आल्हा-ऊदल की पावन धरती बताया। उन्होंने घोषणा की कि गोरखगिरी पर्वत पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोप-वे और एडवेंचर टूरिज्म विकसित किया जाएगा तथा आल्हा-ऊदल की नगरी में अखाड़ों का निर्माण भी कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महोबा का देसावरी पान, यहां का ग्रेनाइट उद्योग और लोक परंपराएं क्षेत्र की पहचान हैं। ग्रेनाइट पत्थर केवल इमारतों की नींव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद बुंदेलखंड आए थे, तब यहां पानी की भारी समस्या थी और महिलाएं दूर-दूर से घड़ों में पानी लाने को मजबूर थीं। आज हर घर तक पानी पहुंचाने की दिशा में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने अर्जुन सहायक परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा और बुंदेलखंड की पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सहित अनेक विकास परियोजनाएं धरातल पर दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना और रक्षा कॉरिडोर बुंदेलखंड को नई पहचान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने गरीबों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने का काम किया है। आज गरीब की बेटी की शादी भी सम्मानपूर्वक हो रही है और बिजली, आवास, रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों तक पहुंची हैं।

उन्होंने कहा कि महोबा, हमीरपुर, बांदा और झांसी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज, पर्यटन, सिंचाई और कनेक्टिविटी के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आल्हा-ऊदल की लोकगाथाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे तथा वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP) के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महोबा और पूरा बुंदेलखंड विकास की नई बुलंदियों को छूता हुआ दिखाई देगा।

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