चकमार्ग पर कब्जे के आरोप से गरमाई सियासत, प्रशासन की निष्पक्षता पर उठे सवाल

By Liberal Media

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शाहजहांपुर। ग्राम जमुही में सरकारी चकमार्ग की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। एक रसूखदार व्यापार मंडल नेता पर सरकारी चक रोड की भूमि पर कब्जे के आरोप लगाए गए हैं, जिससे प्रशासन की कार्यशैली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

उपजिलाधिकारी सदर को दिए गए प्रार्थना पत्र में प्रदीप कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि गाटा संख्या-20 पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान सरकारी चक रोड गाटा संख्या-21 की भूमि पर भी अतिक्रमण कर निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी फैक्ट्री तक पहुंचने का मुख्य मार्ग इसी चकमार्ग से जुड़ा है और अतिक्रमण होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सामान्य लोगों के मामलों में प्रशासन तत्काल कार्रवाई करता है, लेकिन प्रभावशाली लोगों पर आरोप लगने पर कार्रवाई की गति धीमी पड़ जाती है। इससे लोगों के बीच दोहरे मापदंड की चर्चा शुरू हो गई है।

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि राजस्व अभिलेखों और सरकारी नक्शे के आधार पर गाटा संख्या-21 की पैमाइश कराई जाए और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो बिना किसी दबाव और भेदभाव के भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।

अब पूरे मामले पर लोगों की निगाहें सदर तहसील प्रशासन पर टिकी हैं। मामला केवल एक चकमार्ग का नहीं, बल्कि कानून के समान अनुपालन और प्रशासन की निष्पक्षता की परीक्षा भी बन गया है। प्रशासन की कार्रवाई से ही तय होगा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है या मामला विवादों में ही उलझा रह जाता है।

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