वृंदावन | LIBERAL MEDIA
धार्मिक नगरी वृंदावन में हरित वातावरण के संरक्षण को लेकर मां ध्यान मूर्ति सत्संग भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अवैध रूप से हरे-भरे पेड़ों की कटाई, पेड़ों के तनों के आसपास कंक्रीट व इंटरलॉकिंग करने तथा केमिकल के माध्यम से वृक्षों को नष्ट किए जाने के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में उपस्थित साधु-संतों और जागरूक नागरिकों ने कहा कि वृंदावन की पहचान केवल उसके आध्यात्मिक महत्व से ही नहीं, बल्कि उसकी हरियाली से भी है। लेकिन लगातार हो रही पेड़ों की कटाई और उनके साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते पेड़ों की जड़ों तक कंक्रीट और इंटरलॉकिंग कर दी जाती है, जिससे उनका प्राकृतिक विकास बाधित होता है और वे धीरे-धीरे सूखने लगते हैं। वहीं, कुछ मामलों में केमिकल डालकर पेड़ों को जानबूझकर नष्ट करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से जिला प्रशासन से मांग की गई कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वृक्षों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए और शहर में हरियाली को संरक्षित रखने हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, पर्यावरण प्रेमी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।








