वृंदावन | LIBERAL MEDIA
ब्रजभूमि में प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जहां एक ओर कुछ संगठनों द्वारा उनके भक्तों के पोस्टरों का विरोध किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ब्रज के साधु-संत खुलकर उनके समर्थन में सामने आ गए हैं।
संतों का कहना है कि यदि भक्त अपने गुरु को भगवान का स्वरूप मानते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भक्तों की आस्था और भावना का विषय है, न कि स्वयं महाराज की पहल।
संत दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि प्रेमानंद महाराज हमेशा विनम्रता से स्वयं को भगवान का दास बताते हैं और लोगों को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों से अपील की कि इस मामले को गलत तरीके से न देखा जाए।
अन्य संतों ने भी कहा कि प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और उन्होंने समाज को नशे व बुरी आदतों से दूर करने का कार्य किया है।
संतों के अनुसार, वृंदावन में उनके निवास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और देश-विदेश से बड़ी संख्या में
प्रेमानंद महाराज के समर्थन में उतरे ब्रज के संत, बोले—“भक्तों के भगवान हैं महाराज”
Published On:
Date:








