आगरा। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता के सम्मान और संरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और सपा दोनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी गौ माता को वह सम्मान नहीं मिल सका जिसकी अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें राजनीतिक दलों से अधिक उम्मीद नहीं है, इसलिए वे सीधे जनता के बीच जाकर संवाद कर रहे हैं। उनके अनुसार, देश की अधिकांश जनता गौहत्या के पक्ष में नहीं है, फिर भी सरकारें जनभावनाओं के अनुरूप कदम नहीं उठा रही हैं।
शंकराचार्य ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गौ संरक्षण की बात करने वाली पार्टी लंबे समय से केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्ता में है, लेकिन अब तक गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान नहीं दिलाया जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि गोवंश की समस्याएं और गोशालाओं की दुर्दशा अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि गौ रक्षा और गौ सम्मान के लिए है।








