पीलीभीत | LIBERAL MEDIA
पीलीभीत में कुदरत का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ब्रेन डेड समझी गई महिला की सांस एंबुलेंस के झटके से अचानक लौट आई। इस घटना ने परिजनों और डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया।
जानकारी के अनुसार विनीता शुक्ला को गंभीर हालत में बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। करीब दो दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट के बावजूद शरीर में कोई हरकत नहीं हुई और आंखों की पुतलियां भी फैल गई थीं। इसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों को घर ले जाने की सलाह दे दी।
डॉक्टरों की बात सुनकर परिजन दुखी मन से एंबुलेंस से विनीता को घर लेकर लौट रहे थे, जबकि घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं।
इसी दौरान जब एंबुलेंस रिठौरा के पास एक गड्ढे से गुजरी तो तेज झटका लगा, जिसके बाद दो दिनों से निष्क्रिय पड़ी विनीता के शरीर में अचानक हलचल हुई और उनकी सांसें लौट आईं। यह देखकर एंबुलेंस में मौजूद परिजन हैरान रह गए।
परिजन तुरंत उन्हें पीलीभीत के न्यूरोसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बिना वेंटिलेटर के उनका इलाज शुरू किया गया। करीब 13 दिनों के उपचार के बाद विनीता शुक्ला पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। अब वह खुद चलने-फिरने लगी हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट आई हैं।
इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं।
‘मृत’ समझ घर ला रहे थे परिजन, एंबुलेंस के झटके से लौट आई सांस; 13 दिन बाद स्वस्थ हुई महिला
Published On:
Date:








