नई दिल्ली/वॉशिंगटन | भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक खींचतान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने एक अहम फैसले के तहत भारत से आने वाले उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ (आयात शुल्क) को 18% से घटाकर 10% करने का निर्णय लिया है। यह कटौती एक अंतरिम व्यापार समझौते के तहत की गई है, जिससे भारतीय बाजारों और निर्यातकों में उत्साह का माहौल है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) पर दिए गए हालिया फैसले के बावजूद भारत को फिलहाल 10% ग्लोबल ट्रेड टैरिफ का भुगतान करना होगा।
जब अधिकारियों से पूछा गया कि क्या भारत को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया यह शुल्क देना होगा, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “हाँ, जब तक कोई नया प्रावधान या स्थायी समझौता लागू नहीं होता, तब तक यह 10% टैरिफ प्रभावी रहेगा।”
व्यापारिक रिश्तों में सुधार की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में 8% की यह कमी भारतीय वस्तुओं को अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगी। विशेष रूप से इस्पात, एल्युमीनियम और कृषि उत्पादों से जुड़े निर्यातकों के लिए यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
मुख्य बातें:
पुरानी दर: 18%
नई दर (अस्थायी): 10%
आधार: अंतरिम व्यापार समझौता और IEEPA समीक्षा।
प्रभाव: अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान होगा सस्ता।
आगे क्या?
हालांकि यह कटौती ‘अस्थायी’ बताई जा रही है, लेकिन यह संकेत देती है कि दोनों देश एक स्थायी व्यापार समझौते (Trade Deal) की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के वाणिज्य मंत्रालयों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होने की संभावना है, जिसमें इन शुल्कों को और कम करने या पूरी तरह हटाने पर चर्चा हो सकती है।
अमेरिका ने भारत पर आयात शुल्क 18% से घटाकर 10% किया , भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत
Published On:
Date:














