नई दिल्ली/वॉशिंगटन।
भारत और अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। वॉशिंगटन और दिल्ली के साउथ ब्लॉक से छनकर आ रही जानकारियों के अनुसार, यह समझौता अचानक नहीं बल्कि लंबे रणनीतिक प्रयासों का परिणाम है। इस डील के तहत जहां अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ घटाने को तैयार हुआ है, वहीं भारत ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर ऊर्जा और तकनीक खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर लगभग 18 प्रतिशत तक लाने पर सहमति दी है। इसके साथ ही दोनों देश टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं में चरणबद्ध कटौती करेंगे। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
डील का अहम पहलू यह है कि भारत ने अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से करीब 500 बिलियन डॉलर मूल्य के ऊर्जा संसाधन (तेल और गैस), आधुनिक तकनीक, कोयला और कृषि उत्पाद खरीदने का भरोसा दिया है। माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव अमेरिका के लिए आकर्षण का














