मऊ/घोसी। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के प्रभावी हस्तक्षेप और निरंतर प्रयासों के बाद मऊ जिले के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। घोसी किसान सहकारी चीनी मिल से पूर्व में हटाए गए तीन प्रमुख गन्ना क्रय केंद्रों— करखिया, खोजौली एवं लाटघाट — को शासन द्वारा पुनः बहाल कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के हजारों किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
दूरी और खर्च की समस्या से मिली मुक्ति
बता दें कि प्रशासनिक फेरबदल के कारण इन केंद्रों को चीनी मिल सठियांव को आवंटित कर दिया गया था। इसके चलते घोसी और मधुबन क्षेत्र के किसानों को अपना गन्ना ले जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। अतिरिक्त परिवहन खर्च और समय की बर्बादी से किसानों की आय पर बुरा असर पड़ रहा था। क्षेत्रीय किसानों ने मंत्री ए.के. शर्मा के भ्रमण के दौरान उन्हें इस समस्या से अवगत कराया था।
शासन स्तर पर की पैरवी
मंत्री ए.के. शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल शासन स्तर पर उठाया। उन्होंने गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी से मुलाकात कर किसानों की व्यावहारिक कठिनाइयों को साझा किया और जनहित में इन केंद्रों को वापस घोसी मिल के अंतर्गत लाने का अनुरोध किया। मंत्री शर्मा के तर्कों को स्वीकार करते हुए शासन ने इन केंद्रों की बहाली का आदेश जारी कर दिया।
किसानों ने जताया आभार
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मंत्री ए.के. शर्मा ने मुख्यमंत्री और गन्ना मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, गन्ना क्रय केंद्र वापस मिलने पर स्थानीय किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने ए.के. शर्मा के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है। किसानों का कहना है कि अब समय और धन की बचत होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से घोसी चीनी मिल के क्रय केंद्र बहाल, किसानों को बड़ी राहत
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