शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के रवैये पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों दल पति-पत्नी जैसी स्थिति में हैं, जहां एक पक्ष की अच्छाइयों पर दूसरा पक्ष आलोचना करता है। शंकराचार्य ने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति से इतिहास का निष्पक्ष मूल्यांकन नहीं हो पाता और समाज को सही दिशा नहीं मिलती।
वाराणसी: नेहरू पर कांग्रेस-बीजेपी बहस, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जताई आपत्ति
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