शाहजहांपुर। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कार्यालय, मुख्य चिकित्सालय परिसर में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के तत्वावधान में यकृत स्वास्थ्य एवं हेपेटाइटिस से बचाव को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष डॉ. विजय जोहरी ने की।
गोष्ठी में आयुर्वेद विशेषज्ञों ने हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जनजागरूकता, संतुलित आहार, स्वच्छ जीवनशैली, समय पर जांच और हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण पर जोर दिया। मुख्य वक्ता डॉ. पल्लवी सक्सेना ने यकृत को आयुर्वेद में रक्त धातु एवं रंजक पित्त का प्रमुख आश्रय बताते हुए यकृत रोगों की रोकथाम में आयुर्वेद की भूमिका पर प्रकाश डाला।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि आयुर्वेद का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम और स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। अन्य वक्ताओं ने सुरक्षित रक्त, एकल उपयोग वाली सिरिंज, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को हेपेटाइटिस से बचाव का प्रभावी उपाय बताया।
कार्यक्रम में डॉ. सुमन अग्रवाल, डॉ. अंकित गुप्ता, डॉ. आंचल गुप्ता, डॉ. रचना रस्तोगी, डॉ. राजेंद्र कुशवाहा, डॉ. सोफिया, डॉ. हेमेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में आयुर्वेद चिकित्सकों ने भाग लिया। अंत में उपस्थित चिकित्सकों ने आमजन से हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।








