शाहजहांपुर। शांतिकुंज हरिद्वार से युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति का दिव्य संदेश लेकर निकली ज्योति कलश रथयात्रा शनिवार को बंथरा क्षेत्र में पहुंची, जहां गांव-गांव में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। जहां-जहां रथयात्रा पहुंची, वहां ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा, आरती, दीप प्रज्ज्वलन और जयघोष के साथ अखंड ज्योति का भव्य स्वागत किया। पूरा क्षेत्र “हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

प्रातः रथयात्रा के ढका उदरनपुर पहुंचते ही रथयात्रा प्रभारी प्रभा सिंह, राजेश सिंह प्रधान, मंजू सिंह, कुलदीप सिंह एवं शिवम सिंह ने परिजनों के साथ पूजन, आरती एवं जयघोष के बीच रथयात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर स्वागत-सत्कार के बीच यात्रा ढकिया परवेजपुर पहुंची, जहां ददरौल विधायक अरविंद सिंह के परिवारजनों ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का अभिनंदन किया।
रथयात्रा आगे बढ़ते हुए बंथरा और कल्याणपुर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने जयघोष और आरती के साथ यात्रा का स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और विचार जागरण का वातावरण दिखाई दिया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुदेव का सद्साहित्य, अखंड ज्योति पत्रिका एवं युग निर्माण योजना का साहित्य वितरित किया गया। साथ ही विचार क्रांति अभियान, नशामुक्ति, नैतिकता, पारिवारिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा गायत्री परिवार के वृक्ष गंगा अभियान के अंतर्गत “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर रथ सारथी राकेश जी ने गुरुदेव का संदेश देते हुए कहा कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का मानना था कि विचारों के परिवर्तन से ही युग परिवर्तन संभव है। व्यक्ति के भीतर सद्बुद्धि और श्रेष्ठ चिंतन का उदय होने पर परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण स्वतः होने लगता है। आज आवश्यकता बाहरी बदलाव से अधिक आंतरिक जागरण की है।
उन्होंने कहा कि ज्योति कलश रथयात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक विचार यात्रा है, जो लोगों को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही है। गांव-गांव जाकर यह अभियान समाज में सद्विचारों की रोशनी फैलाने का प्रयास कर रहा है।
रथयात्रा के साथ रथ सारथी राकेश जी, मीडिया से कपूर, अनीता गुप्ता, सुधा, महिपाल, सीताराम, प्रभा सिंह, मंजू सिंह सहित अनेक गायत्री परिजन उपस्थित रहे।
ढका उदरनपुर में राजेश सिंह प्रधान के यहां भोजन प्रसाद एवं अल्प विश्राम के उपरांत सायंकाल शिव मंदिर परिसर में भव्य दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। दीपयज्ञ में राजेश सिंह, मंजू सिंह एवं प्रभा सिंह ने परिवार एवं परिजनों के साथ पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किए तथा विश्व शांति, परिवार की सुख-समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दीपयज्ञ का संचालन सीताराम, महिपाल एवं रथ सारथी राकेश जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।
दीपयज्ञ के दौरान युगऋषि संदेशवाहकों ने कहा कि वर्तमान समय युग परिवर्तन का काल है। विज्ञान और तकनीक की प्रगति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का क्षरण, परिवारों में विघटन और मानसिक अशांति भी बढ़ रही है। ऐसे समय में अंधकार को दूर करने के लिए अनेक दीपकों का एक साथ जलना आवश्यक है। ये दीपक जाग्रत आत्माओं, संस्कारवान व्यक्तित्वों और सेवा, साधना, स्वाध्याय एवं यज्ञ के पथ पर अग्रसर साधकों के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का जीवन, साहित्य और विचार एक दिव्य ज्योति की भांति हैं, जो वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके द्वारा उद्घोषित युग परिवर्तन, युग निर्माण, संस्कृति का नवजागरण, नारी जागरण, युवा निर्माण और परिवार निर्माण के संकल्प केवल विचार नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध सामाजिक क्रांति के आयाम हैं।
गायत्री परिवार के जिला मीडिया प्रभारी रंजीत वर्मा ने बताया कि ज्योति कलश रथयात्रा का रविवार को विश्राम रहेगा, जिसके उपरांत यात्रा पुनः विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जनजागरण, विचार क्रांति और युग निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।







