Vrindavan, Mathura / Liberal Media
मथुरा जनपद के वृंदावन में चल रहे सुदामा कुटी शताब्दी महोत्सव के 11वें दिन बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विशेष रूप से शामिल होने पहुंचे। महोत्सव में पहुंचते ही उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। अपने उद्बोधन के दौरान जहां उन्होंने मौजूद श्रद्धालुओं को हास्य और प्रेरणादायक बातों से गुदगुदाया, वहीं एक पांच वर्षीय बच्चे की प्रतिभा देखकर भावुक भी हो गए।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर निवासी धर्म दुबे का पांच साल का बेटा वैभव मंच पर पहुंचा और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को पटका पहनाया। धोती-कुर्ता में सजे छोटे से बालक को देखकर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर प्रभावित हुए और उसे अपने सामने खड़ा कर स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया। बातचीत के दौरान जब वैभव ने बताया कि वह गीता और भागवत पढ़ता है, तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उससे गीता का एक श्लोक सुनाने को कहा। वैभव द्वारा श्लोक सुनाए जाने पर मंच पर मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियां बजाईं।
इसके बाद जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को यह जानकारी मिली कि वैभव के पिता ई-रिक्शा चलाते हैं, तो वे कुछ क्षण भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत अपनी झोली से 500-500 के नोटों की गड्डी निकालकर वैभव को 50 हजार रुपये की दक्षिणा भेंट की और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बताया गया कि ग्वालियर निवासी वैभव अपने माता-पिता और बहन के साथ वृंदावन में रहकर धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रहा है। उसके पिता धर्म दुबे ई-रिक्शा चलाते हैं, जबकि मां गृहस्थी संभालती हैं। बहन भी शास्त्रों की पढ़ाई कर रही है। वैभव परिक्रमा मार्ग स्थित एक भागवत विद्यालय में भागवत गीता का अध्ययन कर रहा है। परिवार का कहना है कि वे बच्चों को शास्त्रों की शिक्षा देकर सनातन धर्म की सेवा करना चाहते हैं।








