स्टेट हाईवे पर कानून खुलेआम रौंदा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप हैं। सवाल यह नहीं कि हादसा होगा या नहीं, सवाल यह है कि प्रशासन उसे रोकने के लिए आखिर कर क्या रहा है?
राधा कृष्ण गुप्ता |तहसील संवाददाता
कलान(शाहजहांपुर)। क्षेत्र में स्थापित गन्ना क्रय केंद्रों से ओवरलोड गन्ना ट्रकों का आवागमन लगातार जारी है। स्टेट हाईवे मुरादाबाद–फर्रुखाबाद पर भारी वाहन बिना रोक-टोक दौड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ट्रकों पर क्षमता से कहीं अधिक गन्ना लादा जा रहा है। हालत यह है कि ट्रकों की ऊंचाई इतनी बढ़ जाती है कि गन्ना सीधे ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को छू जाता है। कई बार स्पार्किंग के बाद बिजली की लाइन टूटकर हाईवे पर गिर चुकी है। सवाल उठता है कि बिजली विभाग इन खतरनाक हालात को जानने के बावजूद अब तक क्या कार्रवाई कर रहा है?
जब अचानक हाईवे पर तार गिरता है तो दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच जाती है। लोग जान बचाने के लिए अपने वाहन छोड़कर भागने को मजबूर हो जाते हैं। अगर इसी दौरान कोई बड़ा हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किस विभाग की होगी-प्रशासन, पुलिस, परिवहन या विद्युत विभाग?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोडिंग का यह खेल अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद जारी है। न ट्रकों की नियमित जांच हो रही है, न चालान, न ही गन्ना क्रय केंद्रों से जवाबदेही तय की जा रही है। सवाल यह भी है कि क्या गन्ना क्रय केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी तय नहीं है?
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि स्टेट हाईवे पर चल रहे ओवरलोड गन्ना ट्रकों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाला हादसा प्रशासन की लापरवाही का सीधा परिणाम होगा।








