Mathura | Liberal Media
मथुरा-वृंदावन स्थित परिक्रमा मार्ग के सुदामा कुटी आश्रम में चल रहे शताब्दी महोत्सव एवं जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज जयंती महोत्सव के अंतर्गत कुंभ मेला क्षेत्र में दसवें दिन संत विद्वत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से आए संत-महात्माओं ने संत सुदामा दास महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मानस पीठाधीश्वर स्वामी रामललाचार्य महाराज ने कहा कि साकेतवासी संत सुदामा दास महाराज ने गौ सेवा, संत सेवा और विप्र सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। महंत राजकुमार दास महाराज ने उन्हें ईश्वर का अवतार बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवन भर पीड़ित मानवता की सेवा को ही अपना कर्म माना।
अन्य संतों ने कहा कि जिस व्यक्ति में भगवत भक्ति के साथ-साथ प्राणी मात्र की सेवा का भाव हो, वही सच्चे अर्थों में संत कहलाता है।








