मथुरा-वृन्दावन। अयोध्या में भव्य राष्ट्रकथा संपन्न कर धर्मनगरी वृन्दावन लौटे आनंदम धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रीतेश्वर महाराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बांके बिहारी और अवध बिहारी का यह मिलन अत्यंत अकल्पनीय और अद्भुत रहा, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु धन्य हो गए।
स्वामी रीतेश्वर महाराज ने बताया कि इस राष्ट्रकथा में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। उन्होंने दावा किया कि यह कथा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि सात अन्य देशों में भी टीवी स्क्रीन के माध्यम से देखी गई, जिससे यह विश्व की सबसे अधिक देखी जाने वाली कथाओं में शामिल हो गई है।
कथा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में श्रीराम कथा, हनुमान कथा और शिवमहापुराण तो हो रहे हैं, लेकिन वर्तमान समय में राष्ट्रकथा की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र बचेगा तभी ये धार्मिक कथाएं बचेंगी।








