वाराणसी। दो दिवसीय ब्रिक्स संस्कृति सम्मेलन के सफल समापन के बाद विदेशी प्रतिनिधियों ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिनिधि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से गहराई से प्रभावित नजर आए।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने मूलगंध कुटी विहार, धामेक स्तूप सहित कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया। सारनाथ के शांत और आध्यात्मिक वातावरण ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से आकर्षित किया। उन्होंने यहां की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जाना।
ब्राजील से आए प्रतिनिधि लुकास ने कहा कि सारनाथ में उन्होंने देखा कि धर्म, संस्कृति और परंपराएं लोगों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने इस अनुभव को प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताया।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की वास्तविक सांस्कृतिक धरोहरों और जीवंत परंपराओं से परिचित कराना है, ताकि वे भारतीय संस्कृति की गहराई और उसकी वैश्विक








