ज्योति कलश रथयात्रा से सिंधौली में जागी आध्यात्मिक चेतना, विचार क्रांति अभियान को मिला जनसमर्थन

By Liberal Media

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शाहजहांपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में संचालित ज्योति कलश रथयात्रा के सिंधौली क्षेत्र में दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। रथयात्रा जहां-जहां पहुंची, वहां श्रद्धालुओं ने आरती, पूजन, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। यात्रा के माध्यम से जनजागरण, विचार क्रांति, नशामुक्ति और युग निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

रथयात्रा चकनहु, अनावा, नवादा, रघुनाथपुर, पटई, खिसैया, बड़ैला, रघौला, कोटवारी, मुड़िया पवार, बड़ावन तथा आसपास के गांवों से होकर गुजरी। जगह-जगह ग्रामीणों ने आरती उतारकर यात्रा का स्वागत किया तथा युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के विचार क्रांति अभियान को अपनाने और युग निर्माण योजना से जुड़ने का संकल्प लिया।

इस दौरान श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुदेव का सद्साहित्य, अखंड ज्योति पत्रिका एवं युग निर्माण साहित्य वितरित किया गया। साथ ही सभी से विचार क्रांति अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया गया।

रथयात्रा के साथ रथ सारथी राकेश जी, मीडिया प्रभारी कपूर, महिपाल, जगबीर सिंह, रामरतन शर्मा, गिरीश पाल शंखवार, देवेंद्र कुमार, सोनपाल सिंह, रणधीर सिंह चौहान, शेर सिंह, अनूप विश्वकर्मा, अजीत विश्वकर्मा, सर्वेश जोशी, कपिल गुप्ता, कुलदीप कुमार सहित अनेक गायत्री परिजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर रथ सारथी राकेश जी ने कहा कि ज्योति कलश रथयात्रा का उद्देश्य लोगों के भीतर श्रेष्ठ विचारों, सद्भाव और संस्कारों की चेतना जगाना है। उन्होंने कहा कि गुरु सत्ता और गायत्री माता की कृपा से जिन क्षेत्रों में रथयात्रा पहुंच रही है, वहां आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण हो रहा है। यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि विचार क्रांति अभियान और युग निर्माण योजना समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सायंकाल यात्रा बड़ावन पहुंची, जहां परिजनों ने स्वागत एवं पूजन किया। इसके उपरांत प्रेमपाल मौर्य द्वारा भव्य दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। प्रेमपाल मौर्य एवं उनके परिवार ने वरिष्ठ परिजनों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व शांति, परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में सद्भावना की कामना की।

दीपयज्ञ को जिला समन्वयक सूरज वर्मा, सीताराम जी एवं रथ सारथी राकेश जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।

दीपयज्ञ के दौरान सूरज वर्मा ने कहा कि 2 जून 1990 को गायत्री जयंती और गंगा दशहरा के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ब्रह्मलीन हुए थे। इस दिन को गायत्री परिवार में महाप्रयाण दिवस के रूप में स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने अपने अंतिम संदेश में युग परिवर्तन के कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया था। आज विचार क्रांति अभियान उसी संकल्प को जन-जन तक पहुंचा रहा है।

उन्होंने बताया कि युगऋषि ने चारों वेदों, उपनिषदों और अनेक ग्रंथों का सरल भाष्य करने के साथ हजारों प्रेरणादायक पुस्तकें लिखीं, जो आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने सभी परिजनों से गुरुदेव के विचारों को जीवन में उतारने और युग निर्माण अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया।

गायत्री परिवार के जिला मीडिया प्रभारी रंजीत वर्मा ने बताया कि ज्योति कलश रथयात्रा आगामी दो दिनों तक चिनौर (शाहजहांपुर) क्षेत्र में प्रवास करेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के प्रभाव से बड़ी संख्या में लोग नशामुक्ति, आत्मसुधार और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। विचार क्रांति अभियान और युग निर्माण योजना समाज में नई चेतना एवं सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन रही है।

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