शाहजहांपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में संचालित ज्योति कलश रथयात्रा शाहजहांपुर जनपद के बंडा क्षेत्र में पहुंचकर जनजागरण अभियान और विचार क्रांति की अलख जगा रही है। यात्रा के आगमन से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है और जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत किया जा रहा है।
मंगलवार को रथयात्रा बंडा नगर क्षेत्र पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। यात्रा का शक्तिपीठ अमरापुर पुवायां रोड, बंडा चौराहा सहित कई स्थानों पर स्वागत हुआ।
बंडा गांव में बांके सिंह जी के यहां पूर्व प्रधान सहित ग्रामीणों ने स्वागत किया, जबकि बालाजी मंदिर पर भी रथयात्रा का भव्य अभिनंदन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मस्थली के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्यामलाल मिश्रा जी ने परिवार सहित तथा इंद्रपाल जी ने कार्यकर्ताओं के साथ आरती एवं पूजन कर यात्रा का स्वागत किया।
इसके बाद रथयात्रा ग्राम रन्मतपुर बुजुर्ग पहुंची, जहां समस्त ग्रामीणों ने शिव मंदिर पर स्वागत किया। वहीं नारायणपुर गंगा गांव में विश्वनाथ त्रिपाठी, संजीव कुमार अग्निहोत्री, ओमपाल शुक्ला, श्रजल शुक्ला एवं शिवओम शुक्ला ने ग्रामीणों के साथ सामूहिक पूजन किया। देवकली कमलपुर गांव में भी श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।
इस अवसर पर रथ सारथी राकेश जी ने गुरुदेव का संदेश देते हुए कहा कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य कहा करते थे कि विचार क्रांति अभियान के माध्यम से ही युग परिवर्तन संभव है। समाज में स्थायी बदलाव तब आएगा, जब व्यक्ति के विचार बदलेंगे और जीवन में सद्बुद्धि का उदय होगा।
उन्होंने कहा कि अखंड दीपक घर-घर जाकर अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर ज्ञान रूपी प्रकाश फैला रहा है। यह केवल एक दीप नहीं, बल्कि मानवता, जागरण और आत्मपरिवर्तन का प्रतीक है, जो युग परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस दौरान सभी श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुदेव का सद्साहित्य, अखंड ज्योति एवं युग निर्माण साहित्य वितरित किया गया तथा सभी से विचार क्रांति अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।
सायंकाल देवकली में गायत्री परिजन पशुपतिनाथ मिश्र के आवास पर भव्य दीपयज्ञ का आयोजन संपन्न हुआ। दीपयज्ञ को विश्वनाथ त्रिपाठी, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव एवं रथ सारथी राकेश जी ने संपन्न कराया।
ज्योति कलश रथयात्रा का उद्देश्य समझाते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, नैतिकता और आत्मजागरण का संदेश लेकर चल रही है। विचारों की शुद्धता से ही व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।
ज्योति कलश रथयात्रा में यात्रा प्रभारी विश्वनाथ त्रिपाठी, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, संजीव कुमार अग्निहोत्री, शिवओम शुक्ला, रथ सारथी राकेश जी सपत्नीक, एकता भारद्वाज, मीडिया से श्याम जी कपूर सहित अनेक कार्यकर्ता यात्रा के साथ उपस्थित रहे।
बताया गया कि ज्योति कलश रथयात्रा आगामी दो दिनों तक बंडा क्षेत्र में प्रवास कर जनजागरण, विचार क्रांति और आध्यात्मिक चेतना के संदेश को आगे बढ़ाएगी। यात्रा के माध्यम से गांव-गांव में आध्यात्मिक वातावरण को नई गति प्रदान करते हुए लोगों को संस्कार, सद्विचार और आत्मजागरण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।









