शाहजहांपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में जनपद शाहजहांपुर की तहसील तिलहर के जैतीपुर क्षेत्र में पहुंची ज्योति कलश रथयात्रा का ग्रामीणों ने उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भव्य स्वागत किया। रथयात्रा के स्वागत में जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई तथा ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया।
रथयात्रा के दौरान जैतीपुर सहित विभिन्न गांवों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के स्वागत में लोगों ने घरों और मार्गों को सजाया तथा श्रद्धापूर्वक कलश यात्रा का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर जिला समन्वयक सूरज वर्मा ने ग्रामीणों को ज्योति कलश रथयात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि विचार क्रांति और युग निर्माण का जनजागरण अभियान है। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी 1926 बसंत पंचमी के दिन मात्र 15 वर्ष की आयु में पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने आवलखेड़ा में अपनी कोठरी में एक अखंड दीप प्रज्ज्वलित किया था। वह दीप आज शांतिकुंज हरिद्वार में 100 वर्ष पूर्ण कर चुका है और निरंतर प्रज्वलित है।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः यदि कोई दीपक 40 वर्षों तक निरंतर जलता है तो उसे सिद्ध माना जाता है, लेकिन यह दीपक अब शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह दीप केवल प्रकाश नहीं, बल्कि मानव चेतना को जागृत करने का संदेश है। यह दीपक समाज को यह बताने आया है कि युग परिवर्तन का समय आ चुका है और समय तेजी से बदल रहा है।

सूरज वर्मा ने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने समाज परिवर्तन का संकल्प लिया और 24 लाख गायत्री महापुरश्चरण जैसे असाधारण आध्यात्मिक अभियान के माध्यम से विश्व चेतना को नई दिशा देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “यदि हमें दुनिया बदलनी है तो सबसे पहले स्वयं को बदलना होगा। समाज परिवर्तन की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है। इसके लिए किसी बाहरी परिवर्तन की आवश्यकता नहीं, बल्कि अपने अंदर की दुर्बुद्धि को हटाकर सद्बुद्धि को धारण करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि आज समाज में बढ़ती नकारात्मकता, तनाव और भटकाव को समाप्त करने के लिए अध्यात्म और संस्कारों की आवश्यकता है। ज्योति कलश रथयात्रा लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सद्विचार और आत्मजागरण का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रही है।
इस दौरान क्षेत्रवासियों को पूज्य गुरुदेव का सद्साहित्य, अखंड ज्योति एवं युग निर्माण साहित्य वितरित किया गया तथा सभी से विचार क्रांति अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।
सायंकाल जैतीपुर में अरुण त्रिपाठी के यहां भव्य दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। दीपयज्ञ का पूजन अरुण त्रिपाठी ने सपत्नीक दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपयज्ञ को सूरज वर्मा, सविता एवं अनीता ने संपन्न कराया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा से वरिष्ठ कार्यकर्ता जमुना गुप्ता एवं विटन्ना भदौरिया का विशेष सहयोग रहा।
रथयात्रा जैतीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों सुल्तानपुर, खेड़ा बझेड़ा, गढ़िया रंगीन, बैसारा और करकौल भी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
इस अवसर पर श्याम, सीताराम कपूर, रथ सारथी राकेश, तिलहर प्रभारी संजीव सक्सेना, रामकुमार रस्तोगी, भानुप्रताप मिश्रा, आशीष रस्तोगी, जैतीपुर प्रभारी पूरन लाल, अरुण त्रिपाठी, ब्रह्मा शंकर, मदनपाल सिंह, ओमकार बाबा, मेवाराम सहित गायत्री परिवार के अनेक परिजन उपस्थित रहे।
संपूर्ण रथयात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग रहा। सब इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह एवं सिपाही राहुल ने भी पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में तिलहर प्रभारी संजीव सक्सेना एवं जैतीपुर प्रभारी पूरनलाल मिश्रा ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।









