लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े 20 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की इस पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने विशेष रूप से शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित किया है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की ऐतिहासिक जीत
कैबिनेट का सबसे बड़ा निर्णय शिक्षा विभाग से जुड़ा रहा। पिछले काफी समय से आंदोलनरत शिक्षामित्रों के मानदेय को ₹10,000 से बढ़ाकर सीधे ₹18,000 कर दिया गया है। इसी तरह अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय भी ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। यह बढ़ी हुई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.67 लाख परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
डिजिटल क्रांति: 40 लाख युवाओं को मिलेंगे गैजेट्स
युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के विस्तार को मंजूरी दी गई है। सरकार चालू वित्तीय वर्ष में स्नातक, स्नातकोत्तर और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लगभग 40 लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित करेगी। इसके लिए बजट और खरीद की प्रक्रिया को कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है।
आधुनिक बुनियादी ढांचा: एयरपोर्ट जैसे बनेंगे बस अड्डे
परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने प्रदेश के 49 बस अड्डों को PPP मॉडल पर विकसित करने का फैसला लिया है। ये बस अड्डे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे और इनका स्वरूप अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की तर्ज पर होगा। हाथरस, बुलंदशहर और बलरामपुर में बस अड्डों के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी पास किया गया है।
दलित गौरव: विधानसभा स्तर पर स्मारकों का कायाकल्प
बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की आगामी जयंती से पूर्व सरकार ने बड़ा सांस्कृतिक निर्णय लिया है। प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों में स्थित बाबा साहेब के 10-10 स्मारकों (कुल 4030 स्मारक) का सौंदर्याकरण किया जाएगा। इसके लिए ₹403 करोड़ का विशेष फंड आवंटित किया गया है।
अन्य प्रमुख फैसले:
- पुलिस भर्ती: यूपी पुलिस में रिक्त 81,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- आपदा राहत: विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी नियमावलियों में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा कि ये निर्णय ‘अंत्योदय’ के संकल्प को सिद्ध करने और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।








