शाहजहांपुर। नगर के चित्रा सिनेमा परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस सोमवार को कथा व्यास डा० दामोदर दीक्षित ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, वैराग्य और आत्मज्ञान का संदेश दिया। कथा के प्रारंभ में उन्होंने कर्दम ऋषि का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि उन्हें नौ पुत्रियां नवधा भक्ति के रूप में प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहाँ स्वयं भगवान का वास होता है।
कथा के दौरान कपिल मुनि द्वारा अपनी माता को दिए गए सांख्य शास्त्र के उपदेश का भी विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि संसार में सुख-दुःख वस्तुओं या संबंधों में नहीं होता, बल्कि वह हमारी इन्द्रियों की अनुभूति पर निर्भर करता है। आत्मा का इनसे कोई संबंध नहीं होता। संसार की वस्तुएं और संबंध कुछ समय के लिए मिलते हैं और फिर छूट जाते हैं। संत कृपा से जब बुद्धि निर्मल होती है, तब जीवन की सच्चाई का बोध होता है।
कथा व्यास ने संतों के लक्षण बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति गुरु प्रदत्त मंत्र का जप सहजता से करता है, परोपकारी और करुणामय होता है वही सच्चा संत है। केवल वस्त्र धारण करने से कोई संत नहीं बन जाता।
इसी क्रम में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि राजा उत्तानपाद की दो रानियां सुनीति और सुरुचि थीं। सुरुचि के व्यवहार से अपमानित होकर ध्रुव ने अपनी माता के कहने पर भगवान की शरण ग्रहण की और नारद जी के उपदेश से कठोर तप कर भगवान की कृपा प्राप्त की।
कथा में प्रियव्रत और जड़ भरत के प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि गृहस्थ आश्रम में रहते हुए ही काम, क्रोध और मोह जैसे विकारों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। जड़ भरत के प्रसंग के माध्यम से यह भी बताया गया कि अत्यधिक आसक्ति मनुष्य को बंधन में डाल देती है।
कार्यक्रम की शुरुआत खन्ना परिवार के पुरोहित द्वारा देव पूजन से हुई। इसके बाद रमेश त्रिपाठी, प्रसून त्रिपाठी और रामबली ने हनुमान चालीसा पाठ व भजन के माध्यम से प्रभु की स्तुति की। रामदुलारे त्रिगुणायत ने अयोध्या कांड में राम-केवट संवाद का मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं पीलीभीत से आए पंडित सुमन जी ने रामचरितमानस पर प्रवचन दिया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य रामानंद दीक्षित ने किया।
कथा में मुख्य यजमान कमलेश कुमार खन्ना, ध्रुवनारायण मेहरा और सुधा मेहरा ने व्यास पीठ का पूजन कर विद्वानों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर सोमनाथ कपूर, सरिता कपूर, जयप्रकाश खन्ना, चंद्रशेखर खन्ना (धीरू खन्ना), रोली खन्ना, रागिनी खन्ना, ओम खन्ना, डॉ० राम मेहरोत्रा सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा। कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।
आयोजकों ने बताया कि तृतीय दिवस की कथा मंगलवार को प्रातः 8:30 से 11:30 बजे तथा सायं 3:30 से 6:00 बजे तक दो सत्रों में होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।
चित्रा सिनेमा में श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस में कपिल उपदेश व ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन
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