गोला, गोरखपुर
LIBERAL MEDIA
सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन योजना को गोला नगर पंचायत में जिम्मेदार अधिकारी ही पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए सामुदायिक शौचालय कागजों में तो संचालित दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में अधिकांश समय बंद पड़े रहते हैं। इससे राहगीरों, यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया के रियलिटी चेक में सामने आया कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई प्रमुख स्थानों पर बने सामुदायिक शौचालय मनमाने ढंग से खोले और बंद किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इन शौचालयों को प्रतिदिन सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक संचालित किया जाना चाहिए, लेकिन नगर प्रशासन की लापरवाही के चलते ऐसा नहीं हो रहा है। इससे सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर पंचायत के पक्का घाट स्थित सामुदायिक शौचालय पर मीडिया टीम पहुंची तो वह पूरी तरह बंद मिला। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि शौचालय खोलने का कोई निश्चित समय नहीं है। जिम्मेदार कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार इसे खोलते और बंद कर देते हैं।









