गोला, गोरखपुर | Liberal Media
गोला थाना क्षेत्र में एक पीड़िता को न्याय के लिए करीब 15 दिनों तक भटकना पड़ा। थाना क्षेत्र के ग्राम पटौहाँ निवासी मीना पत्नी रामनाथ उर्फ टसर की शिकायत पर सुनवाई न होने से मामला अब सवालों के घेरे में आ गया है। अंततः क्षेत्राधिकारी गोला के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
पीड़िता मीना के अनुसार घटना 19 जनवरी की रात लगभग साढ़े आठ बजे की है। दो अज्ञात युवक बाइक से आकर उसके घर के सामने शराब पीने लगे। जब मीना ने इसका विरोध किया तो उन्होंने फोन कर अपने चार अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया। इनमें से एक आरोपी की पहचान गोलू यादव पुत्र रणजीत यादव निवासी कोहरा के रूप में हुई है।
आरोप है कि सभी आरोपियों ने मीना, उसके पति रामनाथ और उनकी तीन बेटियों के साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसे से बेरहमी से मारपीट की। मारपीट में मीना का हाथ टूट गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उसके पति द्वारा थाना गोला में प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर मंगलवार को पीड़िता ने क्षेत्राधिकारी गोला को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी गोला ने कोतवाली गोला को तत्काल मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीओ के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में यह सवाल चर्चा में है कि आखिर पीड़िता को शुरुआत में ही न्याय क्यों नहीं मिला।
15 दिन तक भटकती रही पीड़िता, सीओ के आदेश पर दर्ज होगा मुकदमा
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