वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर में नेगेटिव एनर्जी का संबंध किसी भूत-प्रेत से नहीं, बल्कि वास्तु दोष, गलत दिशा में रखा सामान, पुरानी व बेकार चीजें तथा बुरी नजर से होता है। इसका प्रभाव घर के वातावरण और परिवार के सदस्यों पर साफ दिखाई देने लगता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घर में प्रवेश करते ही असहजता महसूस हो, परिवार में बिना कारण झगड़े बढ़ने लगें, तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं रहने लगें या नींद में बार-बार खलल पड़ने लगे, तो यह नेगेटिव एनर्जी के संकेत हो सकते हैं। इसके अलावा घर में किसी की मौजूदगी का अहसास होना भी ऐसे लक्षणों में शामिल है।
नेगेटिव एनर्जी से बचाव के लिए घर को साफ-सुथरा रखना, नियमित रूप से हवादार बनाना, बेकार सामान हटाना और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाले उपाय अपनाना जरूरी माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही दिशा में सामान रखने और नियमित पूजा-पाठ या ध्यान से घर का वातावरण सकारात्मक बनाया जा सकता है।








