शकील अहमद | बिजनौर
बिजनौर के जिला मेडिकल अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों का इलाज कर रहा एक फर्जी डॉक्टर रंगे हाथों पकड़ा गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
मामला जिला अस्पताल के कमरा नंबर 25 का है, जहां डॉ. तुषार की ओपीडी में एक अनजान युवक खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों को देख रहा था। वह पुराने मरीजों की पर्चियों पर डॉ. तुषार की मोहर लगाकर वही दवाएं और ट्रीटमेंट कंटिन्यू लिख रहा था।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे फार्मासिस्ट राजेश और अन्य अस्पताल स्टाफ जब ओपीडी में पहुंचे, तो उन्होंने एक संदिग्ध युवक को डॉक्टर की कुर्सी पर बैठा देखा। शक होने पर स्टाफ ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। इसी दौरान वहां हंगामा खड़ा हो गया।
बताया जा रहा है कि मौके की नजाकत देखते हुए फर्जी डॉक्टर फरार हो गया। इसके बाद मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर राजीव रस्तोगी ने उससे काफी देर तक पूछताछ की।
यह घटना न सिर्फ मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।








