इटावा। सिविल लाइन क्षेत्र स्थित निचली गंगा नहर सिंचाई विभाग कार्यालय में लगी भीषण आग के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर विभाग के ही दो चौकीदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक आरोपी भरत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
15 दिसंबर की सुबह लगी आग में रिकॉर्ड रूम सहित छह कमरे जलकर खाक हो गए थे। आग से करीब 50 वर्षों से अधिक पुराने महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें और नक्शे नष्ट हो गए। दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
सीसीटीवी जांच में घटना से पहले कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद कार्रवाई की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के बाद नुकसान और जिम्मेदारी का पूरा आकलन किया जाएगा।









