‘राष्ट्रधुन’ कवि सम्मेलन में गूँजी राष्ट्रभक्ति की स्वर-लहरियाँ
आर्केड बिजनेस कॉलेज के आयोजन एवं मातृभाषा हिंदी संगठन के संयोजन में हुआ भव्य कवि सम्मेलन
पटना, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आर्केड बिजनेस कॉलेज, राजेंद्र नगर, पटना के आयोजन एवं मातृभाषा हिंदी संगठन के संयोजन में ‘राष्ट्रधुन — कवि सम्मेलन’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के अमर शहीदों एवं वीर स्वतंत्रता सेनानियों को काव्य के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
देशभक्ति, वीरता, युवा चेतना, प्रेम और जीवन की संवेदनाओं से सजी इस काव्य-संध्या में कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में कविता और गीतों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त स्वर मिला।
कुंदन सिंह क्रांति ने युवा पीढ़ी को जागरूक करते हुए अपनी ओजपूर्ण पंक्तियों से वर्तमान दौर पर तीखा संदेश दिया—
«“रील बनाने वाले लड़को, रेल बनाना कब सीखोगे,
धुआँ उड़ाना सीख रहे हो, राफेल उड़ाना कब सीखोगे।”»
कुमार लक्ष्मीकांत ने जीवन के संघर्ष, उलझन और भटकन को अपनी संवेदनशील रचना में स्वर दिया—
«“जीवन उलझन में काट रहे हैं,
यौवन विरहन में काट रहे हैं।
दिन को दिन बनाने के लिए,
रात भटकन में काट रहे हैं।”»
‘ऋषि’ ऋषभ देव ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और कालापानी की यातनाएँ सहने वाले क्रांतिकारियों को नमन करते हुए ओजस्वी काव्य पाठ किया। उनकी प्रस्तुति ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया—
«“राष्ट्र हेतु जो थे लालायित मिटने और मिटाने को,
जिनके लहू में बहती थी गंगा तूफ़ान मचाने को।
…
प्रथम नमन है अंडमान के उस पुण्य काला पानी को।”»
प्रीति सिंह ‘प्रज्ञा’ ने वीरों के बलिदान को स्मरण करते हुए अपनी भावपूर्ण पंक्तियों से श्रोताओं के हृदय में देशप्रेम की भावना जगाई—
«“वीरों की बलिदानी से ये परिणाम मिला हमको,
हमारी खुशनसीबी है कि हिंदुस्तान मिला हमको।”»
वहीं धर्म राज ठाकुर ने प्रेम की भावनाओं को अपनी चुटीली और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से अभिव्यक्त किया—
«“उड़ता बादल बना के छोड़ेगा,
तुमको घायल बना के छोड़ेगा,
कुछ भी करना इश्क मत करना,
इश्क पागल बना के छोड़ेगा।”»
कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोताओं ने सभी कवियों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कविता और साहित्य समाज की चेतना को जागृत करने तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के आयोजन में आर्केड बिजनेस कॉलेज के निदेशक एवं करियर कंसल्टेंट श्री आशीष आदर्श की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं मातृभाषा हिंदी संगठन के संयोजन में कार्यक्रम को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया गया।
‘राष्ट्रधुन’ कवि सम्मेलन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों के प्रति कृतज्ञता, राष्ट्र के प्रति समर्पण और हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम का सुंदर संदेश दिया।









