शाहजहांपुर। आषाढ़ मास की अमावस्या के पावन अवसर पर वीआईपी ग्रुप विद हेल्पिंग हैंड्स द्वारा छोटा चौक स्थित डोरेमोंस प्ले स्कूल परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रुप की अध्यक्ष दीपमाला रस्तोगी ने किया। भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया तथा आयोजन की सराहना की।
हिंदू धर्म में आषाढ़ अमावस्या, जिसे हलहारिणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों के तर्पण, स्नान, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल प्राप्त होता है। इसी भावना के साथ आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेवा कार्य में अपना सहयोग दिया।
इस अवसर पर वीआईपी ग्रुप की जिलाध्यक्ष नीतू गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा और परोपकार को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुण्य अवसरों पर जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सेवा करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वीआईपी ग्रुप भविष्य में भी समाजहित के कार्यों को इसी प्रकार निरंतर जारी रखेगा।
ग्रुप के क्रिएटर अभिनय गुप्ता ने कहा कि समाज सेवा केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया और जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वीआईपी ग्रुप विद हेल्पिंग हैंड्स पिछले कई वर्षों से बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। संगठन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच और सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के समापन पर ग्रुप अध्यक्ष दीपमाला रस्तोगी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों के सहयोग और सहभागिता से ही ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन सफल हो पाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी समाज सेवा के कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया।
भंडारे में अंशिका बाथम, मानसी रोहरा, सुनैना राठौर, सृष्टि, अंकुर सक्सेना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।









