लेखक: अभिनय “विचारक”
उत्तर प्रदेश की सियासत में जब भी धैर्य, सादगी और अटूट जनविश्वास की चर्चा होती है, तो एक नाम पूरी प्रखरता के साथ उभरता है— सुरेश कुमार खन्ना। शाहजहाँपुर की माटी से निकलकर लखनऊ के सत्ता गलियारों तक का उनका सफर किसी करिश्मे से कम नहीं है, लेकिन इस सफलता के पीछे चार दशकों का कठोर अनुशासन और जनसेवा का संकल्प छिपा है।
एक अद्वितीय कीर्तिमान: लगातार 9 बार विजय
भारतीय लोकतंत्र में चुनाव जीतना कठिन है, लेकिन लगातार 9 बार एक ही विधानसभा सीट से अजेय रहना असाधारण है। वर्ष 1989 से लेकर 2022 तक, शाहजहाँपुर नगर की जनता ने हर बार सुरेश कुमार खन्ना पर अपना भरोसा जताया। यह केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि उनके प्रति जनता के उस प्रेम का प्रमाण है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित हुआ है।
वित्त एवं संसदीय कार्य: संतुलन के पर्याय
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री के रूप में खन्ना जी दो अत्यंत महत्वपूर्ण मोर्चों को संभाल रहे हैं:
- वित्तीय अनुशासन: राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और पारदर्शी बजट प्रबंधन में उनकी भूमिका निर्णायक रही है।
- संसदीय कुशलता: सदन की मर्यादा को बनाए रखना और विपक्ष के तीखे सवालों का संयम व तथ्यों के साथ जवाब देना उनकी कार्यशैली की विशेषता है। विधानसभा में जब वे अपनी बात रखते हैं, तो पक्ष-विपक्ष दोनों उन्हें सम्मान के साथ सुनते हैं।
सादगी और सुलभता: सुरेश खन्ना की पहचान
सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद सुरेश कुमार खन्ना की सहजता आज भी वैसी ही है, जैसी उनके शुरुआती दिनों में थी। अपने गृह जनपद शाहजहाँपुर में वे आज भी आम लोगों के लिए “खन्ना जी” हैं। जनता के बीच में राह चलते हुए भी उनकी समस्याएँ सुनना और मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
“सादगी इतनी कि अहंकार को जगह न मिले, और कर्तव्यनिष्ठा ऐसी कि विरोधियों को भी सम्मान करना पड़े।”
व्यक्तित्व का साहित्यिक पहलू
सुरेश कुमार खन्ना केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि साहित्य के भी मर्मज्ञ हैं। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अक्सर उनके शायराना अंदाज़ की गूँज सुनाई देती है। वे जटिल राजनीतिक बहसों के बीच सटीक काव्य पंक्तियों के माध्यम से माहौल को सकारात्मक और तर्कपूर्ण बनाने की कला में माहिर हैं।
संगठन और नेतृत्व के प्रति अटूट निष्ठा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने वाले खन्ना जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अंत्योदय’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित हैं। भाजपा संगठन के प्रति उनकी निष्ठा अडिग रही है, जिससे वे कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणापुंज बन गए हैं।
सुरेश कुमार खन्ना का राजनीतिक जीवन यह संदेश देता है कि शोर-शराबे वाली राजनीति के दौर में भी शालीनता, स्पष्टवादिता और सेवाभाव ही वास्तविक शक्ति है। वे आधुनिक राजनीति के उस दुर्लभ वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहाँ पद की गरिमा व्यक्ति से नहीं, बल्कि व्यक्ति की गरिमा से पद गौरवान्वित होता है।









👍👍👍👍