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वृंदावन (मथुरा)।
ब्रजभूमि में बसंत पंचमी के साथ ही रंगों के महापर्व होली का शुभारंभ हो गया। हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी को मनाई जा रही है। इस दिन को मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस माना जाता है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
बसंत पंचमी का दिन ब्रज के लिए विशेष महत्व रखता है। वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में जन-जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी जी ने अपने भक्तों के साथ होली खेली। होली के लिए ठाकुरजी कमर में फेंटा बांधे, गुलाल से सजे हुए भक्तों के संग रंगों की होली खेलते नजर आए।
बसंत पंचमी से ही ब्रज के सभी मंदिरों में रंग-गुलाल उड़ना शुरू हो जाता है। इसी दिन होली का डांढ़ा गाड़ने के साथ भगवान श्रीकृष्ण की नगरी ब्रज में 40 दिवसीय होली महोत्सव का आगाज हो जाता है। देश-विदेश से श्रद्धालु ब्रज पहुंचकर इस अद्भुत होली का आनंद लेते हैं।








