पीलीभीत। प्रदेश में योगीराज के विकास और सुशासन के दावों के बीच पिलीभीत की ग्राम पंचायतों में स्थिति कुछ अलग ही नजर आ रही है। विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं।
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि ठेकेदारों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की सांठ-गांठ से पंचायतों में प्रकाश व्यवस्था के नाम पर भारी कालाबाजारी की जा रही है। स्ट्रीट लाइटें खरीद मूल्य और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं लगाई जा रही हैं। घटिया गुणवत्ता की लाइटें कुछ ही दिनों में खराब हो रही हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। विकास के लिए आवंटित धनराशि और धरातल पर हुए कार्यों में साफ अंतर दिखाई देता है। शासनादेशों को दरकिनार करते हुए पंचायतों में कराए गए कार्यों का विवरण दर्शाने वाले सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।








