कानपुर। भरण-पोषण कानून के दुरुपयोग का मामला आज कानपुर की अदालत में सामने आया, जब पिछले पांच साल से लकवाग्रस्त सुमित को अस्पताल से स्ट्रेचर पर लादकर कोर्ट में पेश किया गया।
सुमित की पत्नी ने दावा किया था कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और जानबूझकर भत्ता नहीं दे रहा, जबकि परिवार और वकील ने अदालत को उसकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति से अवगत कराया। सुमित के अधिवक्ता विनोद पाल ने बताया कि पत्नी लगातार झूठ फैलाकर उसे प्रताड़ित कर रही थीं।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी दस्तावेजों की समीक्षा की और आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
कानून: धारा 125 CrPC के तहत पत्नी, बच्चों और माता-पिता को उचित भरण-पोषण का अधिकार है, लेकिन आरोप है कि इसका दुरुपयोग किया गया।








