लखनऊ: केजीएमयू धर्मांतरण आरोप मामला में आज गठित हो सकती है जांच समिति; एजेंसियों की जांच के दायरे में भी आया आरोपी रेजिडेंट

LiberalMedia
Lucknow के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए कथित धर्मांतरण प्रयास के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन जहां अपने स्तर पर आंतरिक जांच समिति गठित करने की प्रक्रिया में है, वहीं आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर अब जांच एजेंसियों के रडार पर भी आ चुका है। एजेंसियां उससे जुड़े पुराने मामलों और संभावित लिंक की गहन पड़ताल कर रही हैं।
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, आज केजीएमयू स्तर पर एक उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति का गठन किया जा सकता है, जो छात्रा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगी। इसके साथ ही, बाहरी जांच एजेंसियां भी इस पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों, संपर्कों और पुराने आरोपों को खंगाल रही हैं।

मुख्यमंत्री और महिला आयोग तक पहुंची शिकायत
पीड़िता के पिता ने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायत भेजकर मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने आत्महत्या करने की कोशिश भी की। उनका कहना है कि यह केवल विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला नहीं है, बल्कि छात्रा की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

पुराने मामलों की भी हो रही जांच
इस मामले में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर को लेकर एक और आरोप सामने आ रहा है। जानकारी के अनुसार, पहले भी उस पर एक अन्य युवती से धर्म परिवर्तन कराकर शादी करने का आरोप लगा था। हालांकि, इस पुराने मामले को लेकर फिलहाल कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस तरह के आरोपों का कोई पैटर्न या संगठित प्रयास इससे पहले भी रहा है।
एजेंसियों का फोकस डॉक्टर के पुराने संपर्कों, शिकायतों, सोशल मीडिया गतिविधियों और किसी संभावित नेटवर्क या दबाव तंत्र पर भी है। यदि किसी भी पुराने मामले से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं, तो उन्हें वर्तमान जांच में शामिल किया जाएगा।

केजीएमयू प्रशासन की प्रतिक्रिया
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर के. के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय मामले की गंभीरता को समझते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ जांच कर रहा है। उन्होंने बताया,
“रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। आंतरिक जांच समिति सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रिपोर्ट देगी। जांच के निष्कर्षों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

कई स्तरों पर चल रही जांच
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में
केजीएमयू की आंतरिक जांच समिति,
जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही पड़ताल,
और राज्य महिला आयोग में की गई शिकायत

तीनों स्तरों पर एक साथ प्रक्रिया चल रही है। पीड़िता के मानसिक उत्पीड़न, कथित धर्मांतरण दबाव और आत्महत्या के प्रयास जैसे आरोप जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं।

कैंपस और समाज की निगाहें जांच पर
मामले के सामने आने के बाद केजीएमयू कैंपस में चिंता और असहजता का माहौल है। छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जांच पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, पूरा मामला जांच के अधीन है। विश्वविद्यालय प्रशासन और जांच एजेंसियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी।

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