शाहजहांपुर। युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा लगभग एक शताब्दी पूर्व प्रज्ज्वलित की गई अखंड ज्योति से प्रेरणा एवं चेतना ग्रहण कर रविवार देर रात्रि गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा में भव्य दीपयज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों दीप प्रज्ज्वलित कर ज्ञान, संस्कार और आत्मजागरण का संदेश दिया गया। दीपों की जगमगाहट ने मानो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित कर दिया।
इससे पूर्व शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथयात्रा का पुष्पवर्षा, आरती और जयघोष के बीच भव्य स्वागत किया गया। रथयात्रा के आगमन से गायत्री शक्तिपीठ गौहरपुरा एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जहां श्रद्धालुओं ने “हम बदलेंगे, युग बदलेगा; हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” के गगनभेदी नारों के साथ विचार क्रांति और युग निर्माण का संकल्प दोहराया।
शक्तिपीठ पर अखंड दीप के समक्ष सामूहिक साधना के उपरांत भव्य दीपयज्ञ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रज्ञा गीतों से हुआ, जिसमें मंजू, गीता और शिवानी ने अपने भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण से सभी को भाव-विभोर कर दिया।
शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजाराम मौर्य, ट्रस्टी जयसिंह यादव सपत्नीक एवं ट्रस्टी शालीन ठाकुर ने पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद सभी परिजनों ने दीप जलाकर विश्व शांति, सद्भाव और आत्मप्रकाश की कामना की।
मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजाराम मौर्य ने कहा कि ज्योति कलश रथयात्रा हम सभी के जीवन में प्रकाश और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश लेकर आई है। शांतिकुंज हरिद्वार से निकली यह यात्रा विचार क्रांति, व्यसनमुक्ति, आत्मसुधार और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि अखंड ज्योति स्वयं घर-घर पहुंचकर युग निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है।

जिला समन्वयक सूरज वर्मा ने कहा कि ज्योति कलश रथयात्रा का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण के माध्यम से एक श्रेष्ठ एवं संस्कारित राष्ट्र का निर्माण करना है। युगऋषि द्वारा दिए गए आत्मसुधार, नशामुक्ति, नैतिकता और सद्विचारों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही इस यात्रा का मूल लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि रथ सारथी राकेश जी पर गुरुदेव की विशेष कृपा है, जो सपत्नीक निरंतर समर्पण भाव से इस यात्रा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। इस अवसर पर ट्रस्ट मंडल ने रथ सारथी राकेश जी सपत्नीक तिलक, माल्यार्पण एवं उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया।
दीपयज्ञ में सभी वरिष्ठ गायत्री परिजन, महिला मंडल, युवा प्रकोष्ठ एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विश्राम के उपरांत सायंकाल रथयात्रा कांट क्षेत्र के इमलिया गांव पहुंची, जहां महेंद्र सिंह यादव, प्रमोद यादव एवं अन्य गायत्री परिजनों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। गांव में जगह-जगह श्रद्धालु ज्योति कलश के समक्ष नतमस्तक हुए।
सायंकाल गायत्री प्रज्ञा पीठ, इमलिया में भी भव्य दीपयज्ञ संपन्न हुआ। महेंद्र यादव, प्रमोद यादव, जितेंद्र, नरेंद्र, रामकिशोर एवं अन्य परिजनों ने पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किया। दीपयज्ञ का संचालन जिला समन्वयक सूरज वर्मा, सीताराम एवं रथ सारथी राकेश जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।
रथ यात्रा के साथ रथ सारथी राकेश महिपाल, अनीता गुप्ता, मीडिया से कपूर उपस्थित रहे।
गायत्री परिवार के जिला मीडिया प्रभारी रंजीत वर्मा ने बताया कि ज्योति कलश रथयात्रा आगामी दिवस भी कांट क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचकर जनजागरण, विचार क्रांति और युग निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी।









