यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों की बड़ी वजह अब स्पष्ट हो गई है। मथुरा के मांट–बलदेव क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली की टीम मथुरा पहुंची और पूरे एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। टीम ने अपनी जांच में माना कि यमुना एक्सप्रेसवे पर पांच ऐसे स्थान हैं, जहां नदी बेहद नजदीक बहती है और सर्दियों में यहां घना कोहरा छा जाता है, जिसे किसी भी तकनीक से रोका नहीं जा सकता।
आईआईटी की रिपोर्ट के अनुसार इन संवेदनशील स्थानों पर विजिबिलिटी अचानक शून्य के करीब पहुंच जाती है, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। 16 दिसंबर को बलदेव क्षेत्र के माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत और करीब 100 लोगों के घायल होने की मुख्य वजह भी यही घना कोहरा बताया गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे के जीएम आनंद ब्रजराज सिंह ने बताया कि पूरे 165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर पांच ऐसे संवेदनशील बिंदु चिह्नित किए गए है।








