वृंदावन | LIBERAL MEDIA
वृंदावन कोतवाली की कार्यप्रणाली पर उस समय सवाल उठने लगे जब थाना परिसर में न्याय की गुहार लगाती एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में महिला रोती-बिलखती नजर आ रही है और पुलिसकर्मियों पर अभद्रता तथा धमकाने के गंभीर आरोप लगा रही है।
महिला का आरोप है कि पुलिस उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसे ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी दे रही थी। साथ ही महिला पुलिसकर्मियों पर मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट कराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित महिला के अनुसार आश्रम के अंदर रखे सामान को नगर निगम कर्मचारी अतिक्रमण बताकर हटाने लगे। आश्रम में रहने वाले एक बाबा ने इसका विरोध किया तो निगम कर्मचारियों ने पुलिस बुला ली और बाबा को वृंदावन कोतवाली ले जाया गया।
महिला ने बताया कि वह इस मामले में ओमेक्स स्थित सीओ कार्यालय पहुंची, जहां से थाने फोन किया गया। आरोप है कि थाने से कहा गया कि लड़की को यहां भेज दीजिए, बाबा को छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद जब वह कोतवाली पहुंची तो वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई और उसे काफी देर तक बैठाए रखा गया।
महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी बार-बार मुकदमे की धमकी दे रहे थे, जिससे आहत होकर उसने यह वीडियो बना लिया।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वृंदावन थाने में रोती महिला का वीडियो वायरल, पुलिस पर बदसलूकी के आरोप
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