आज़ादी के 77 वर्ष बीत जाने के बाद भी हमीरपुर जिले के कई गांव और मजरे आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित वार्ड चंदूपुर की सड़क इसकी सबसे बड़ी मिसाल है, जहां एक दर्जन से अधिक गांव और मजरे जुड़े होने के बावजूद आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
इस सड़क से यमुना नदी के बीहड़ क्षेत्र में बसे करीब 15 गांवों और मजरों के एक लाख से अधिक लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। मिट्टी, धूल और बड़े-बड़े गड्ढों से भरी इस सड़क से गुजरना लोगों की मजबूरी बन चुका है। बरसात के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं, जब कई फीट तक पानी और कीचड़ भर जाने से कोई भी वाहन नहीं निकल पाता। ऐसे में ग्रामीणों को बीमारों को खटिया पर लादकर कीचड़ से होकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों तक कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार नतीजा शून्य ही रहा।








