लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘डिजिटल प्रदेश’ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक बड़ी छलांग लगाई है। राजधानी लखनऊ में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की गरिमामयी उपस्थिति में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस परियोजना के तहत प्रदेश के 20 लाख ग्रामीण और अर्धशहरी घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार और हिंदुजा ग्रुप के बीच समझौता
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC), उत्तर प्रदेश सरकार और हिंदुजा ग्रुप की कंपनी वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह पहल गांवों और शहरों के बीच की डिजिटल दूरी को पाटने का काम करेगी।
महिला उद्यमिता को लगेंगे पंख
इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिला सशक्तिकरण है। सुलभ इंटरनेट पहुंच से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचा सकेंगी और नए सूक्ष्म उद्योग शुरू कर सकेंगी। इससे ‘डिजिटल यूपी’ के विजन को जमीनी मजबूती मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- व्यापक कवरेज: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के 20 लाख परिवार सीधे लाभान्वित होंगे।
- हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: आधुनिक फाइबर टेक्नोलॉजी के जरिए निर्बाध इंटरनेट सेवा सुनिश्चित की जाएगी।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य में सुधार: गांवों के छात्र अब ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और टेली-मेडिसिन जैसी सुविधाएं भी सुलभ होंगी।
- पारदर्शिता: सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक ऑनलाइन पहुंचेगा।
“यह समझौता केवल इंटरनेट कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के गांवों में आर्थिक और सामाजिक बदलाव की एक नई लहर है।” > — सुरेश कुमार खन्ना, वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश।
इस अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के आने से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है।








