बरेली।
शहर के महिला अस्पताल में प्रसूति के दौरान बड़ा सवालिया मामला सामने आया है। दो अलग-अलग अल्ट्रासाउंड में जुड़वा गर्भ की पुष्टि के बावजूद प्रसव के दौरान केवल एक बच्ची के जन्म से परिवार में आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही और रिपोर्ट छुपाने के आरोप लगाए हैं।
परिवार का कहना है कि प्रसव पीड़ा बढ़ने पर आशा कार्यकर्ता राजेश्वरी को अस्पताल लाई। यहां 3:30 बजे उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। जब जुड़वा गर्भ की रिपोर्ट दिखाई गई तो स्टाफ ने इसे “तकनीकी खामी” कहा और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने अल्ट्रासाउंड की सरकारी रिपोर्ट भी देने से इनकार कर दिया।
सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों रिपोर्टों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अस्पताल की केस शीट में एक ही बच्ची दर्ज है, जबकि परिवार की रिपोर्ट जुड़वा बताती है।








