Liberal Media | Mau
मऊ। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी बिल के विरोध में मऊ कलेक्ट्रेट परिसर उस समय गरमा गया, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी बिल को छात्र-विरोधी करार दिया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि यूजीसी बिल के जरिए जनरल, ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के बीच आपसी द्वेष फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को समाज के कमजोर और गरीब तबके के छात्रों को आगे बढ़ाने की नीति बनानी चाहिए, न कि उन्हें आपस में लड़ाने का काम करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर समाज को बांटा गया और अब छोटे-बड़े तथा वर्गों के नाम पर राजनीति की जा रही है। अधिवक्ताओं ने तीखे शब्दों में चेतावनी दी कि यदि यूजीसी बिल पास हुआ तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं और सरकार तक गिर सकती है।














