श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु, आज मनाया जाएगा कृष्ण जन्मोत्सव

By Liberal Media

Published On:

शाहजहांपुर | LIBERAL MEDIA

चित्रा टाकीज परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस मंगलवार को श्रद्धालु भक्ति और आध्यात्मिकता के रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास डॉ. आचार्य दामोदर दीक्षित ने अपने प्रवचन में कहा कि काम का नाश भगवान के नाम से, अभिमान का नाश क्षमा से और कृपणता का नाश दान से होता है।

उन्होंने कहा कि परमात्मा ने प्रत्येक मनुष्य को समय, शक्ति और संपत्ति दी है, जिनका सदुपयोग करने वाला महापुरुष कहलाता है और दुरुपयोग करने वाला कष्ट भोगता है। उन्होंने बताया कि भगवान को अपना बनाने के लिए उनसे प्रेम, भाई या अन्य किसी भी संबंध का भाव जोड़ लेना चाहिए।

कथा के दौरान हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यपु की कथा सुनाते हुए व्यास जी ने कहा कि धन पर दृष्टि रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिरण्याक्ष के समान है। उन्होंने प्रह्लाद और होलिका दहन की कथा का भी मार्मिक वर्णन किया, जिसमें भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका दहन हो गई।

इसके साथ ही उन्होंने गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाते हुए बताया कि जब हाथी संकट में फंसकर भगवान को पुकारता है तो भगवान उसकी पुकार सुनकर उसका उद्धार करते हैं। उन्होंने कहा कि सद्गुणों और दुर्गुणों का संघर्ष ही देवासुर संग्राम है। कथा में वामन अवतार और राजा बली के उद्धार का भी विस्तृत वर्णन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत खन्ना परिवार के पुरोहित अनंतराम जी द्वारा देव पूजन से हुई। इसके बाद पंडित रमेश त्रिपाठी, प्रसून त्रिपाठी और रामवाली ने हनुमान चालीसा और भजनों के माध्यम से प्रभु स्तुति की। रामदुलारे त्रिगुणायत ने अयोध्या कांड से राम-केवट संवाद सुनाया, जबकि पीलीभीत से पधारे शिवकुमार सुमन ने किश्किंधा कांड की कथा का वर्णन किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य रामानंद दीक्षित ने किया।

कथा क्रम में मुख्य यजमान कमलेश कुमार खन्ना, ध्रुवनारायण मेहरा और सुधा मेहरा ने व्यास पीठ और विद्वानों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में सोमनाथ कपूर, सरिता कपूर, जयप्रकाश खन्ना, चंद्रशेखर खन्ना (धीरू खन्ना), रोली व रागिनी खन्ना, डॉ. राम मेहरोत्रा सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा। कथा के समापन पर आरती और प्रसाद वितरण किया गया।

आयोजकों ने बताया कि चतुर्थ दिवस की कथा बुधवार को प्रातः 8:30 से 11:30 बजे तथा सायं 3:30 से 6:30 बजे तक दो सत्रों में होगी। विशेष रूप से सायंकालीन सत्र में कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं को इसमें सादर आमंत्रित किया गया है।

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights