समरसता का खिचड़ी भोग, हर वर्ग के गणमान्य लोग रहे उपस्थित
शाहजहांपुर।
आस्था, स्मृति और संकल्प का जीवंत साक्ष्य बना गुरुवार का दिन, जब महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित ग्रामीण परिवेश से सजे ग्रीन यार्ड में श्रीराम मंदिर स्थापना दिवस श्रद्धा, उल्लास और भावनात्मक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक, विधिक एवं बौद्धिक जगत से जुड़े गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने आयोजन को विशेष बना दिया।
दोपहर की गुनगुनी धूप में खुले मंच पर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श हुआ। भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री राकेश कुमार मिश्र ‘अनावा’ ने आंदोलन के संघर्षपूर्ण दौर की स्मृतियां साझा करते हुए भावुक क्षणों को शब्दों में पिरोया। उन्होंने बताया कि कैसे शाहजहांपुर के कार्यकर्ताओं ने राममंदिर आंदोलन के लिए जेल यात्राएं कीं, लाठियां खाईं और दिल्ली कूच जैसे ऐतिहासिक संघर्षों में भाग लेकर अपने संकल्प को जीवित रखा।
उन्होंने विहिप के तत्कालीन जिलाध्यक्ष जगतबंधु रघुवंशी, अनिल वाजपेई वाण, कोविद सिंह एवं आशीष त्रिपाठी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि यह आंदोलन त्याग, तपस्या और आस्था की मिसाल है।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य को धरती, धर्म और मित्र—तीनों के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए। धरती हमें अन्न देती है, सनातन धर्म हमें संस्कार देता है और मित्र जीवन के प्रत्येक सुख-दुख में साथ निभाता है।
विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस दिन रामसेवकों ने बाबर के नाम पर खड़े ढांचे को हटाकर भव्य राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था, वह संकल्प आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और करोड़ों रामभक्तों की साधना व सेवाभाव से दिव्य और भव्य स्वरूप में साकार हो चुका है। यही भावना इस उत्सव का आधार है।
महापौर अर्चना वर्मा एवं भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र शुक्ला एवं वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता रवि मिश्रा एडवोकेट ने कार्यक्रम को भविष्य में और व्यापक रूप देने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम प्रभारी शासकीय अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी ने कहा कि यह आयोजन अब प्रत्येक वर्ष किया जाएगा तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को केवल ‘कृषि प्रधान देश’ कहकर सीमित करना इसकी आत्मा के साथ अन्याय है। भारत प्रभु श्रीराम और योगिराज श्रीकृष्ण की भूमि है—यही इसकी वास्तविक पहचान है। भारत आध्यात्मिक चेतना का ध्वजवाहक रहा है और उसने विश्व को जीवन का मार्ग दिखाया है। श्रीराम हमारी राष्ट्रीय चेतना के प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के अंत में सचिन शर्मा ने सभी आगंतुकों, अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जगतबंधु रघुवंशी, अनिल वाजपेई वाण, गोपाल खेमका, राजेश वर्मा, नवनीत पाठक, राजकमल बाजपेई, अरुण गुप्ता, प्रियम सिंह चौहान, पार्षद प्रदीप सक्सेना, कुलदीप गुप्ता, सुनील सिंघल, दिनेश सिंह, अजय अग्रवाल, मनुज दीक्षित, संतकिशोर त्रिपाठी, विकास खुराना, हर्ष राज सिंह, आशीष गुप्ता, गुंजन गुप्ता, सुधाकर मिश्रा, वरुण शुक्ला, नीरज पाठक, नितिन रघुवंशी, अंशुमान सक्सेना, शिवम शुक्ला एडवोकेट, दिव्यांग सिंघल, अपूर्व अग्रवाल, रोशन कनोजिया, अंकित गुप्ता, अभिनव ओमर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










