मऊ | LIBERAL MEDIA
मऊ नगर के प्राचीन शीतला माता मंदिर परिसर में ब्राह्मण विकास परिषद के तत्वावधान में 251 ब्राह्मण बटुकों का भव्य यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
इस संस्कार को विद्वान आचार्यों और पंडितों—डॉ. मनोज मणि त्रिपाठी, डॉ. अशोक पांडेय, डॉ. अशोक कुमार पांडे, डॉ. आलोक तिवारी और अमित पांडेय द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संरक्षक डॉ. एस.सी. तिवारी, रामजी उपाध्याय, जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय एवं जिला महामंत्री संजय तिवारी की उपस्थिति में हुई। काशी से आए आचार्यगणों ने बटुकों को संस्कारों के महत्व और अनुशासित जीवन जीने का मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर पूर्वांचल सहित विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में बटुकों ने भाग लिया।
संयोजक डॉ. एस.सी. तिवारी ने बताया कि उपनयन संस्कार सनातन धर्म के 16 प्रमुख संस्कारों में से एक है, जो व्यक्ति को ब्रह्मचर्य जीवन में प्रवेश कराता है। वहीं जिलाध्यक्ष ऋषिकेश पांडेय ने शास्त्रों के अनुसार संस्कार की निर्धारित आयु और उसके महत्व पर प्रकाश डाला।
पंडित राजेश जी महाराज ने कहा कि वैदिक काल में महिलाओं का भी उपनयन संस्कार होता था, जिन्हें ‘ब्रह्मवादिनी’ कहा जाता था।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक रामजी उपाध्याय ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।
शीतला माता मंदिर में 251 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार, वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसर
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