— खुलेआम जेसीबी गरज रही, धड़ल्ले से चल रहा मिट्टी और रेत का अवैध खनन
सुधीर गुप्ता
जलालाबाद (शाहजहाँपुर)।
दिनदहाड़े जेसीबी की गर्जना और उड़ती धूल यह चीख-चीखकर बयान कर रही है कि क्षेत्र में कानून नहीं, बल्कि माफिया का राज चल रहा है। खुलेआम मिट्टी और रेत का अवैध खनन किया जा रहा है और नियम-कानूनों को मशीनों के पहियों तले कुचला जा रहा है।
पर्यावरण को भारी नुकसान, किसानों की जमीनों में गहरे गड्ढे और गांवों की सड़कों पर मौत का खतरा-यह सब सबके सामने है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतें फाइलों में दफन हो जाती हैं। दबी जुबान से यह भी चर्चा है कि सत्ता पक्ष से जुड़े प्रभावशाली लोगों की कथित शह पर ही खनन माफिया इतने बेखौफ हैं। यही वजह है कि न छापेमारी होती है, न मशीनें सीज होती हैं।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है, लेकिन हालात खुद गवाही दे रहे हैं। सवाल यह नहीं कि अवैध खनन हो रहा है या नहीं, सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर हो रहा है?
अब जनता साफ कह रही है , अगर जल्द निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह चुप्पी भी अपराध की साझेदार मानी जाएगी। धरती की यह लूट कब तक और किसके भरोसे चलती रहेगी?








