नई दिल्ली। रंगों का पर्व होली केवल उल्लास और उमंग का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का भी संदेश देता है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए बनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा राजधानी में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सुगंध फॉर्म, राधे मोहन ड्राइव स्थित आयोजन स्थल पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, औद्योगिक और जनप्रतिनिधि वर्ग की उपस्थिति ने इस आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया।
कार्यक्रम में चंपत राय, महासचिव, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उनके वक्तव्य में यह स्पष्ट झलकता रहा कि भारतीय समाज की शक्ति उसकी विविधता में निहित है, जिसे संवाद और सहभागिता के माध्यम से और सुदृढ़ किया जा सकता है।
इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय तथा भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया। वक्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की सशक्त कड़ी हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को जीवंतता प्रदान की। वृंदावन श्याम लोक कला मंच के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत ब्रज की झलक और फूलों की होली ने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया। बनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन प्रतिभा विकास केंद्र के बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संकेत दिया कि नई पीढ़ी सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध है।
आयोजन समिति के प्रमुख दिग्विजय गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, बिपिन बिहारी और अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका इस सफल आयोजन की आधारशिला रही।
यह होली मिलन समारोह केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि संवाद, सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा—जहाँ परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन साधते हुए सामाजिक एकता का संदेश मुखर हुआ।
संवाददाता— नीरज अवस्थी








