साधना की धारा में शांति और श्रद्धा का प्रवाह

By Liberal Media

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Shahjahanpur | Liberal Media

शाहजहांपुर। श्री रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के तीसरे चरण के दूसरे दिन की शुरुआत प्रातःकालीन सामूहिक ध्यान से हुई। देश–विदेश से आए हजारों अभ्यासियों ने ध्यान साधना कर मानव कल्याण और विश्व शांति की प्रार्थना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित रहा।

इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक विकास के लिए दो तत्व अनिवार्य हैं— ग्रहण करने की इच्छा और ग्रहण करने के लिए आंतरिक रिक्तता। उन्होंने कहा कि जो पात्र पहले से भरा होता है, उसमें कुछ नया नहीं भरा जा सकता। इसी प्रकार जब चेतना में अहंकार स्थान घेर लेता है, तो विकास की प्रक्रिया बाधित हो जाती है।

तिनसुकिया (असम) से आए वरिष्ठ अभ्यासी रघुवीर अग्रवाल ने बाबूजी महाराज के साथ बिताए अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर साधक भाव-विभोर हो उठे।

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