Gorakhpur | Liberal Media
गोला गोरखपुर। गोरखपुर घूमाने के बहाने हल्द्वानी से लाई गई एक नाबालिग बच्ची को उसके पिता और भाई ने रेलवे स्टेशन के पास एक पेट्रोल पंप पर छोड़ दिया। इसके बाद बीते चार महीनों से बच्ची दर-दर भटकती रही। इस दौरान उससे जबरन काम कराया गया और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना भी दी गई। आखिरकार साहस जुटाकर बच्ची पुलिस तक पहुंची और बोली—“पुलिस अंकल, वो लोग मुझे बहुत मारते हैं, मुझे डॉक्टर बनना है।”
पीड़िता ने बताया कि उसके पिता और भाई उसे घुमाने के नाम पर ट्रेन से गोरखपुर लाए थे। जब उसने मां और बहन को भी साथ ले चलने की बात कही तो यह कहकर मना कर दिया गया कि वे नहीं जाएंगी। इसके बाद उसे अकेले गोरखपुर लाकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर उतार दिया गया और दोनों वहां से चले गए।
बच्ची कुछ दिनों तक गोरखपुर में एक ऑटो चालक की पत्नी के संपर्क में रही। इसी दौरान बगल में किराए के मकान में रहने वाली गोला थाना क्षेत्र की एक महिला से उसका परिचय हुआ। महिला बच्ची को अपने साथ गोला थाना क्षेत्र स्थित गांव ले गई,








