उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में बजरंग दल के सदस्यों से हुए विवाद के बाद चर्चा में आए मोहम्मद दीपक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह न हिंदू हैं, न मुसलमान और न ही किसी अन्य धर्म के अनुयायी, बल्कि सबसे पहले एक इंसान हैं।
दीपक ने कहा,
“मैं न हिंदू हूं, न मुसलमान हूं, न सिख हूं और न ही ईसाई हूं। मैं सबसे पहले इंसान हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि नफरत बांटना बहुत आसान है, लेकिन प्यार बांटना बड़ी बात होती है।
दीपक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भाईचारे व मानवता का संदेश बता रहे हैं। कई लोगों ने उनके विचारों की सराहना करते हुए देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
दीपक ने कहा कि देश को नफरत की नहीं, बल्कि प्यार और एकता की जरूरत है।








